भारत में पंचवर्षीय योजनाएं (Five Year Plans in India): 1st से 12th तक की सूची, मॉडल और उद्देश्य
भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के इतिहास में पंचवर्षीय योजनाओं (Five Year Plans) का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। स्वतंत्रता के समय 1947 में भारत एक बेहद गरीब, कृषि-आधारित और संसाधनों की कमी से जूझता हुआ देश था। गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी और सुस्त औद्योगिक विकास जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए भारत सरकार ने देश के संसाधनों का सही इस्तेमाल करने हेतु आर्थिक नियोजन (Economic Planning) का रास्ता चुना। Five Year Plans in India in Hindi
इसी सोच के साथ 15 मार्च 1950 को योजना आयोग (Planning Commission) का गठन किया गया, जिसकी देखरेख में भारत ने 1951 से 2017 तक कुल 12 पंचवर्षीय योजनाओं को लागू किया।
यदि आप UPSC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), SSC CGL या Railway जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो यह टॉपिक परीक्षा के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण (High-Yield Section) माना जाता है। इस लेख में हम पहली से लेकर 12वीं पंचवर्षीय योजना, उनके मॉडल, उद्देश्य, विकास दर के लक्ष्य और ‘योजना अवकाश’ (Plan Holidays) का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। Five Year Plans in India in Hindi
पंचवर्षीय योजनाओं की पृष्ठभूमि (Background & History)
भारत में पंचवर्षीय योजनाओं का विचार सोवियत संघ (USSR) के मॉडल से प्रेरित था, जहाँ जोसेफ स्टालिन ने 1928 में पहली बार इसे लागू किया था।
┌─────────────────────────────────────────────────────────────┐
│ Evolution of Economic Planning │
└─────────────────────────────────────────────────────────────┘
│
┌──────────────────┴──────────────────┐
▼ ▼
┌─────────────────────────┐ ┌─────────────────────────┐
│ Planning Era │ │ NITI Aayog Era │
│ (1951-2017) │ │ (2015-Present) │
└─────────────────────────┘ └─────────────────────────┘
• USSR Inspired • Replaced Planning Comm.
• Centralized Planning • Cooperative Federalism
• 12 Five Year Plans • 15-Year Vision Document
-
योजना आयोग का गठन: 15 मार्च 1950 (अध्यक्ष: प्रधानमंत्री)
-
राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC): 6 अगस्त 1952 (योजनाओं को अंतिम स्वीकृति देने वाली संस्था)
-
प्रथम योजना की शुरुआत: 1 अप्रैल 1951
-
योजना आयोग का अंत: 13 अगस्त 2014 को इसे समाप्त कर 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना की गई।
1st से 12th पंचवर्षीय योजनाओं की संपूर्ण सूची (Overview Table)
परीक्षा के लिए सबसे पहले सभी 12 योजनाओं की समयावधि, मॉडल और मुख्य प्राथमिकताओं को एक नज़र में समझना ज़रूरी है: Five Year Plans in India in Hindi
| योजना (Plan) | समयावधि (Period) | मॉडल / आधार (Model) | मुख्य उद्देश्य / प्राथमिकता (Priority) | लक्षित vs प्राप्त विकास दर |
| पहली (1st) | 1951 – 1956 | हैराड-डोमर मॉडल (Harrod-Domar) | कृषि विकास (Agriculture) | 2.1% / 3.6% (सफल) |
| दूसरी (2nd) | 1956 – 1961 | पी. सी. महालनोबिस मॉडल | भारी उद्योग व खनिजीकरण (Industry) | 4.5% / 4.27% (सफल) |
| तीसरी (3rd) | 1961 – 1966 | जॉन सैंडी व सुखमय चक्रवर्ती | आत्मनिर्भर व स्व-स्फूर्त अर्थव्यवस्था | 5.6% / 2.4% (विफल) |
| योजना अवकाश | 1966 – 1969 | तीन वार्षिक योजनाएं | हरित क्रांति व आपातकालीन सुधार | – |
| चौथी (4th) | 1969 – 1974 | डी. आर. गाडगिल मॉडल | स्थिरता के साथ विकास व आत्मनिर्भरता | 5.7% / 3.3% (विफल) |
| पांचवीं (5th) | 1974 – 1978 | डी. डी. धर मॉडल | गरीबी उन्मूलन (Garibi Hatao) व आत्मनिर्भरता | 4.4% / 4.8% (सफल) |
| रोलिंग प्लान | 1978 – 1980 | जनता पार्टी सरकार मॉडल | अनवरत योजना (Rolling Plan) | – |
| छठी (6th) | 1980 – 1985 | आगत-निर्गत मॉडल (Input-Output) | गरीबी निवारण व रोजगार सृजन | 5.2% / 5.7% (सफल) |
| सातवीं (7th) | 1987 – 1990 | जॉन डब्ल्यू. मिलर मॉडल | भोजन, काम और उत्पादकता (Food & Work) | 5.0% / 6.01% (सफल) |
| वार्षिक योजनाएं | 1990 – 1992 | आर्थिक संकट का समय | LPG रिफॉर्म्स (उदारीकरण) | – |
| आठवीं (8th) | 1992 – 1997 | मानव संसाधन मॉडल | मानव संसाधन विकास (HRD) व LPG | 5.6% / 6.8% (सफल) |
| नौवीं (9th) | 1997 – 2002 | आगत-निर्गत मॉडल | सामाजिक न्याय व समानता के साथ विकास | 6.5% / 5.4% (आंशिक) |
| दसवीं (10th) | 2002 – 2007 | 8% GDP ग्रोथ लक्ष्य | प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करना | 8.0% / 7.6% (सफल) |
| ग्यारहवीं (11th) | 2007 – 2012 | सी. रंगराजन द्वारा तैयार | तीव्रतम और समावेशी विकास (Inclusive Growth) | 9.0% / 8.0% (सफल) |
| बारहवीं (12th) | 2012 – 2017 | सतत विकास दृष्टिकोण | तीव्रतर, अधिक समावेशी व सतत विकास | 8.0% / 6.8% |
1st से 12th पंचवर्षीय योजनाओं का विस्तृत विवरण
1. पहली पंचवर्षीय योजना (1951 – 1956)
-
मॉडल: अर्थशास्त्री हैराड-डोमर (Harrod-Domar Model) पर आधारित। Five Year Plans in India in Hindi
-
मुख्य उद्देश्य: विभाजन और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देश की ध्वस्त हो चुकी अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण और कृषि (Agriculture) को प्राथमिकता देना।
-
प्रमुख उपलब्धियां:
-
भाखड़ा नांगल, दामोदर घाटी (Damodar Valley) और हीराकुंड जैसी बड़ी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएं शुरू की गईं।
-
1956 में योजना के अंत में 5 IITs (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) स्थापित किए गए।
-
-
परिणाम: यह योजना अत्यधिक सफल रही। लक्षित वृद्धि दर 2.1% थी, जबकि प्राप्त वृद्धि दर 3.6% रही।
2. दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956 – 1961)
-
मॉडल: प्रसिद्ध सांख्यिकीविद प्रशांत चंद्र महालनोबिस (P. C. Mahalanobis Model) के विचारों पर आधारित।
-
मुख्य उद्देश्य: भारी उद्योग और खनिजीकरण (Heavy Industries & Industrialization) का विकास करना।
-
प्रमुख उपलब्धियां:
-
तीन बड़े इस्पात संयंत्र (Steel Plants) स्थापित किए गए: भिलाई (रूस की सहायता से), राउरकेला (जर्मनी की सहायता से) और दुर्गापुर (ब्रिटेन की सहायता से)।
-
परमाणु ऊर्जा आयोग (Atomic Energy Commission) का गठन 1957 में हुआ।
-
-
परिणाम: यह योजना काफी हद तक सफल रही। लक्ष्य 4.5% का था और प्राप्ति 4.27% हुई।
3. तीसरी पंचवर्षीय योजना (1961 – 1966)
-
मॉडल: जॉन सैंडी और सुखमय चक्रवर्ती के मॉडल पर आधारित। इसे ‘गाडगिल योजना’ भी कहा जाता है।
-
मुख्य उद्देश्य: अर्थव्यवस्था को ‘आत्मनिर्भर’ (Self-reliant) बनाना और कृषि तथा उद्योग दोनों पर जोर देना।
-
प्रमुख घटनाएं:Five Year Plans in India in Hindi
-
1962: भारत-चीन युद्ध (Indo-China War)
-
1965: भारत-पाकिस्तान युद्ध (Indo-Pak War)
-
1965-66: देश में भीषण सूखा और अकाल।
-
-
परिणाम: युद्धों और अकाल के कारण यह योजना इतिहास की सबसे विफल योजना साबित हुई। लक्षित दर 5.6% थी लेकिन प्राप्ति केवल 2.4% रही।
-
बोकारो स्टील प्लांट (रूस की मदद से) और भारतीय खाद्य निगम (FCI) की स्थापना इसी दौर में हुई।
प्रथम योजना अवकाश (Plan Holiday: 1966 – 1969)
तीसरी योजना की विफलता, युद्ध और आर्थिक तंगी के कारण चौथी योजना समय पर शुरू नहीं हो सकी।
-
इस दौरान 3 एक-एक वर्ष की वार्षिक योजनाएं (Annual Plans) लागू की गईं।
-
इसी अवधि में भारत में एम. एस. स्वामीनाथन के नेतृत्व में हरित क्रांति (Green Revolution) की शुरुआत हुई, जिससे उन्नत किस्म के बीजों (HYV Seeds) का इस्तेमाल बढ़ा।
4. चौथी पंचवर्षीय योजना (1969 – 1974)
-
मॉडल: डी. आर. गाडगिल मॉडल पर आधारित (प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी का कार्यकाल)।
-
मुख्य उद्देश्य: स्थिरता के साथ आर्थिक विकास (Growth with Stability) और आत्मनिर्भरता।
-
प्रमुख घटनाएं:
-
1969 में 14 प्रमुख निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण (Nationalization of 14 Banks) किया गया।
-
1971: भारत-पाक युद्ध और बांग्लादेश का निर्माण।
-
1974: पोखरण में भारत का पहला परमाणु परीक्षण (Operation Smiling Buddha)।
-
सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम (DPAP) की शुरुआत हुई।
-
-
परिणाम: योजना विफल रही। लक्ष्य 5.7% का था, लेकिन वृद्धि दर 3.3% ही रही।
5. पांचवीं पंचवर्षीय योजना (1974 – 1978)
-
मॉडल: डी. डी. धर (D. D. Dhar) द्वारा तैयार किया गया।
-
मुख्य उद्देश्य: गरीबी उन्मूलन (Garibi Hatao) और आत्मनिर्भरता (Self-Reliance)।
-
विशेषता:
-
इंदिरा गांधी द्वारा प्रसिद्ध नारा “गरीबी हटाओ” इसी योजना के दौरान दिया गया।
-
1975 में न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम (Minimum Needs Programme – MNP) की शुरुआत हुई।
-
2 अक्टूबर 1975 को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) की स्थापना हुई।
-
-
विवाद व अंत: 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने पर मोरारजी देसाई ने इस योजना को 1 वर्ष पहले (1978 में ही) समाप्त कर दिया।
-
परिणाम: योजना सफल रही। लक्ष्य 4.4% था और प्राप्ति 4.8% हुई।
रोलिंग प्लान / अनवरत योजना (Rolling Plan: 1978 – 1980)
-
मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली जनता पार्टी सरकार ने 1978 में अनवरत योजना (Rolling Plan) लागू की, जिसकी अवधारणा गुन्नार मिर्डल (Gunnar Myrdal) की पुस्तक ‘एशियन ड्रामा’ से ली गई थी।
-
लेकिन 1980 में कांग्रेस सरकार के वापस आने पर इसे बंद कर दिया गया।
6. छठी पंचवर्षीय योजना (1980 – 1985)
-
मॉडल: आगत-निर्गत (Input-Output) मॉडल पर आधारित।
-
मुख्य उद्देश्य: गरीबी निवारण (Poverty Eradication) और रोजगार सृजन (Employment Generation)।
-
प्रमुख उपलब्धियां:
-
12 जुलाई 1982: शिवरामन समिति की सिफारिश पर NABARD (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) की स्थापना हुई।
-
1982 में EXIM Bank (भारतीय आयात-निर्यात बैंक) की स्थापना।
-
1980 में 6 अन्य निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया।
-
एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP) को मजबूत किया गया।
-
-
परिणाम: यह योजना सफल रही। लक्षित दर 5.2% थी और प्राप्त दर 5.7% रही।
7. सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985 – 1990)
-
मॉडल: जॉन डब्ल्यू. मिलर (John W. Miller) मॉडल पर आधारित (प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय)।
-
मुख्य उद्देश्य: “भोजन, काम और उत्पादकता” (Food, Work and Productivity) का नारा दिया गया।
-
प्रमुख उपलब्धियां:
-
निजी क्षेत्र (Private Sector) को पहली बार सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector) की तुलना में अधिक प्राथमिकता दी गई।
-
1989 में जवाहर रोजगार योजना (JRY) की शुरुआत की गई।
-
1988 में SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) की स्थापना हुई।
-
-
परिणाम: यह योजना बेहद सफल रही। लक्षित दर 5.0% के मुकाबले 6.01% विकास दर हासिल हुई।
द्वितीय योजना अवकाश (Annual Plans: 1990 – 1992)
केंद्र में राजनीतिक अस्थिरता (Political Instability) और देश के गंभीर भुगतान संतुलन संकट (Balance of Payments Crisis) के कारण आठवीं योजना शुरू नहीं हो सकी।
-
भारत को अपना सोना गिरवी रखना पड़ा और 1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा LPG रिफॉर्म्स (Liberalization, Privatization, Globalization) यानी उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण लागू किया गया।
8. आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992 – 1997)
-
मॉडल: राव-मनमोहन मॉडल (P. V. Narasimha Rao & Dr. Manmohan Singh)।
-
मुख्य उद्देश्य: मानव संसाधन का विकास (Human Resource Development – HRD) जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।
-
प्रमुख उपलब्धियां:
-
भारत 1 जनवरी 1995 को विश्व व्यापार संगठन (WTO) का सदस्य बना।
-
1993 में प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) शुरू हुई।
-
विकेंद्रीकरण के तहत 73वें और 74वें संविधान संशोधन (पंचायती राज व नगरपालिका) लागू हुए।
-
-
परिणाम: यह भारत के आर्थिक इतिहास की सबसे सफल योजनाओं में से एक रही। लक्ष्य 5.6% था और प्राप्ति 6.8% हुई।
9. नौवीं पंचवर्षीय योजना (1997 – 2002)
-
मॉडल: आगत-निर्गत मॉडल (अटल बिहारी वाजपेयी का कार्यकाल)।
-
मुख्य उद्देश्य: सामाजिक न्याय और समानता के साथ आर्थिक विकास (Growth with Social Justice and Equality)।
-
प्रमुख योजनाएं:
-
1998 में स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY)।
-
2000 में सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की शुरुआत।
-
-
परिणाम: 1997 के एशियाई वित्तीय संकट के कारण यह योजना अपने लक्ष्य 6.5% को हासिल नहीं कर सकी और केवल 5.4% विकास दर ही मिली।
10. दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002 – 2007)
-
मुख्य उद्देश्य: अगले 10 वर्षों में भारत की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) को दोगुना करना।
-
लक्ष्य: गरीबी अनुपात को 2007 तक 5% कम करना और 2007 तक प्राथमिक शिक्षा की सार्वभौमिक पहुंच बनाना।
-
विशेषता: 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA/MGNREGA) पास हुआ, जो 2006 में लागू हुआ।
-
परिणाम: आर्थिक दृष्टिकोण से यह योजना काफी सफल रही। 8.0% के लक्ष्य के मुकाबले 7.6% की विकास दर हासिल हुई।
11. ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2007 – 2012)
-
मॉडल: अर्थशास्त्री सी. रंगराजन (C. Rangarajan) द्वारा रूपरेखा तैयार की गई।
-
मुख्य उद्देश्य: “तीव्रतम और अधिक समावेशी विकास” (Towards Faster and More Inclusive Growth)।
-
प्रमुख प्राथमिकताएं: पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा दर में वृद्धि (शिक्षा का अधिकार – RTE Act 2009 लागू हुआ), लिंग भेद को कम करना और बुनियादी ढांचे में सुधार।
-
परिणाम: वैश्विक मंदी (2008 Global Recession) के बावजूद भारत ने 8.0% की शानदार विकास दर हासिल की (लक्ष्य 9.0% था)।
12. बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012 – 2017)
-
मुख्य उद्देश्य: “तीव्रतर, अधिक समावेशी और सतत विकास” (Faster, More Inclusive and Sustainable Growth)।
-
प्रमुख लक्षित मानक:
-
गैर-कृषि क्षेत्र में 50 मिलियन (5 करोड़) नए रोजगार के अवसर पैदा करना।
-
बुनियादी ढांचा क्षेत्र (Infrastructure) में GDP के 10% के बराबर निवेश करना।
-
देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचाना और शिशु मृत्यु दर (IMR) को घटाना।
-
हरित क्षेत्र (Forest Cover) को हर साल 1 मिलियन हेक्टेयर बढ़ाना।
-
-
योजना का अंत: 2014 में सरकार बदलने के बाद योजना आयोग को समाप्त कर दिया गया और 2017 में 12वीं योजना के पूरा होने के साथ ही पंचवर्षीय योजनाओं का युग समाप्त हो गया।
पंचवर्षीय योजनाएं vs नीति आयोग (Quick Comparison)
पंचवर्षीय योजनाओं के दौर के बाद भारत सरकार ने अपनी आर्थिक सोच में बड़ा बदलाव किया:
========================================================================================
विशिष्टता (Feature) योजना आयोग (Planning Commission) नीति आयोग (NITI Aayog)
========================================================================================
दृष्टिकोण (Approach) Top-Down (केंद्र से राज्य) Bottom-Up (राज्य से केंद्र)
प्रकृति (Nature) वित्तीय आवंटन की शक्ति थी केवल थिंक-टैंक (सलाहकारी निकाय)
योजना संरचना 5 साल की निश्चित योजनाएँ 15-वर्षीय विज़न + 7-वर्षीय रणनीति
संघवाद (Federalism) राज्यों की भूमिका सीमित थी सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism)
========================================================================================
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (One-Liner Quick Revision)
-
पहला हैराड-डोमर मॉडल: 1st Plan (कृषि)
-
महालनोबिस मॉडल: 2nd Plan (भारी उद्योग)
-
ग़रीबी हटाओ का नारा: 5th Plan (इंदिरा गांधी)
-
सबसे असफल योजना: 3rd Plan (1961-66 – युद्ध और अकाल के कारण)
-
हरित क्रांति की शुरुआत: प्रथम योजना अवकाश (1966-1969)
-
14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण: 4th Plan (1969)
-
NABARD की स्थापना: 6th Plan (1982)
-
LPG आर्थिक सुधार: 8th Plan से ठीक पहले (1991)
-
समावेशी विकास (Inclusive Growth): 11th & 12th Plan
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत में 1951 से शुरू हुई पंचवर्षीय योजनाओं ने एक गरीब और पराधीन देश को दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों की कतार में खड़ा करने का काम किया। जहाँ शुरुआती योजनाओं ने खाद्यान्न संकट और बुनियादी उद्योगों की नींव रखी, वहीं बाद की योजनाओं ने तकनीकी क्रांति, मानव विकास और समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त किया। भले ही आज नीति आयोग ने इसका स्थान ले लिया है, लेकिन भारत की आर्थिक संरचना और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से पंचवर्षीय योजनाओं का अध्ययन आज भी उतना ही प्रासंगिक और अनिवार्य है।
CTET Syllabus & Exam Pattern in Hindi: Paper 1 & Paper 2 विषयवार सिलेबस और एलिजिबिलिटी
1 thought on “भारत में पंचवर्षीय योजनाएं (Five Year Plans in India in Hindi): 1st से 12th तक की सूची, मॉडल और उद्देश्य”