🏛️ UPSC CSE GS Paper-1 Practice Question Bank (30 High-Quality MCQs)
प्रश्न 1 [इतिहास & कला-संस्कृति]
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: UPSC GS Paper 1 Practice Set: 30 उच्च स्तरीय प्रश्न, उत्तर और विस्तृत व्याख्या
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संगम साहित्य में उल्लेखित ‘तिनै’ (Tinai) अवधारणा केवल भौगोलिक विभाजन को नहीं, बल्कि विशिष्ट पारिस्थितिक और सांस्कृतिक जीवन शैली को भी दर्शाती है।
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संगम काल में ‘वेन्तार’ (Ventar) शब्द का प्रयोग मुख्य रूप से छोटे कबीलाई सरदारों के लिए किया जाता था, न कि मुख्य राजवंशों के शासकों के लिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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(a) केवल 1
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(b) केवल 2
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(c) 1 और 2 दोनों
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(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (a)
व्याख्या:
संगम कालीन तमिल समाज और भूगोल की समझ में ‘तिनै’ (Tinai) सिद्धांत अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। कथन 1 बिल्कुल सही है क्योंकि तिनै प्रणाली केवल भौतिक या भौगोलिक सीमाओं (जैसे- कुरुंजी/पहाड़, मुल्लई/जंगल, मरुदम/कृषि भूमि, नेयदल/तटीय, पलै/शुष्क) का वर्गीकरण नहीं थी, बल्कि यह सामाजिक रीति-रिवाजों, व्यवसाय, प्रेम और युद्ध (अहम और पुरम) जैसे सांस्कृतिक आयामों को जोड़ती थी। कथन 2 गलत है क्योंकि संगम साहित्य में ‘वेन्तार’ शब्द का प्रयोग विशेष रूप से तीन प्रमुख राजवंशों—चोल, चेर और पांड्य—के राजाओं के लिए किया जाता था। छोटे कबीलाई सरदारों को ‘वेलिर’ (Velir) या ‘किझार’ (Kizhar) कहा जाता था, न कि वेन्तार। इस प्रकार केवल पहला कथन सही है।
प्रश्न 2 [भारतीय राजव्यवस्था]
कथन (A): भारत के राष्ट्रपति के पास संसद द्वारा पारित विधेयक पर वीटो शक्ति का प्रयोग करने का विशेषाधिकार है, किंतु धन विधेयक (Money Bill) के संदर्भ में वे पुनर्विचार की शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकते।
कारण (R): धन विधेयक संसद में प्रस्तुत किए जाने से पूर्व अनिवार्य रूप से भारत के राष्ट्रपति की पूर्व सहमति/सिफारिश से ही पेश किया जाता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
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(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
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(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
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(c) (A) सही है, किंतु (R) गलत है।
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(d) (A) गलत है, किंतु (R) सही है।
उत्तर: (a)
व्याख्या:
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 111 के तहत राष्ट्रपति की विधेयकों पर अनुमति देने की शक्तियां स्पष्ट की गई हैं। धन विधेयक (अनुच्छेद 110) के संदर्भ में, यह प्रावधान है कि इसे केवल राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति या सिफारिश से ही लोकसभा में पेश किया जा सकता है। चूंकि राष्ट्रपति स्वयं इसे संसद के समक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति पहले ही दे चुके होते हैं, इसलिए जब यह संसद से पारित होकर उनके पास आता है, तो वे या तो इस पर अपनी स्वीकृति दे देते हैं या रोक लेते हैं; वे इसे संसद को पुनर्विचार के लिए वापस नहीं भेज सकते। अतः कथन (A) और कारण (R) दोनों पूर्णतः सत्य हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सटीक और तर्कसंगत व्याख्या प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 3 [भूगोल]
सूची-I (जलधाराएँ) को सूची-II (प्राकृतिक विशेषता/क्षेत्र) से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
| सूची-I (जलधारा) | सूची-II (विशेषता/क्षेत्र) |
| A. हंबोल्ट (पेरू) धारा | 1. उत्तर अटलांटिक महासागर की उष्ण धारा |
| B. अगुलहास धारा | 2. प्रशांत महासागर की ठंडी धारा जो अटाकामा मरुस्थल का निर्माण करती है |
| C. गल्फ स्ट्रीम | 3. हिंद महासागर की गर्म जलधारा |
| D. ओयाशियो धारा | 4. आर्किटक महासागर से आने वाली ठंडी धारा |
कूट:
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(a) A-2, B-3, C-1, D-4
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(b) A-3, B-2, C-1, D-4
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(c) A-2, B-1, C-3, D-4
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(d) A-4, B-3, C-1, D-2
उत्तर: (a)
व्याख्या:
महासागरीय जलधाराएँ वैश्विक जलवायु और तटीय वातावरण को अत्यधिक प्रभावित करती हैं। हंबोल्ट (पेरू) धारा दक्षिण-पूर्वी प्रशांत महासागर की एक ठंडी धारा है, जो दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी तट के साथ बहती है और अटाकामा मरुस्थल की शुष्कता के लिए उत्तरदायी है (A-2)। अगुलहास धारा दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर में अफ्रीका के पूर्वी तट के साथ बहने वाली एक तीव्र गर्म धारा है (B-3)। गल्फ स्ट्रीम उत्तर अटलांटिक महासागर की एक प्रमुख उष्ण जलधारा है, जो पश्चिमी यूरोप के तापमान को अनुकूल बनाए रखती है (C-1)। ओयाशियो धारा (क्यूराइल धारा) उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर की ठंडी धारा है जो बेरिंग जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर बहती है (D-4)।
प्रश्न 4 [पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी]
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
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प्राथमिक उत्पादकता (Primary Productivity) भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर लगातार बढ़ती है।
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उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की तुलना में महासागरों की प्रति इकाई क्षेत्रफल शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता (NPP) अधिक होती है।
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पारिस्थितिक अनुक्रमण (Ecological Succession) की प्रक्रिया में चरमोत्कर्ष समुदाय (Climax Community) सबसे कम स्थिर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2 और 3
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(c) 1, 2 और 3
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(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (d)
व्याख्या:
तीनों कथन असत्य हैं। कथन 1 गलत है क्योंकि भूमध्य रेखा पर उच्च तापमान और प्रचुर वर्षा के कारण प्राथमिक उत्पादकता ध्रुवों की तुलना में बहुत अधिक होती है; अतः ध्रुवों की ओर जाने पर यह घटती है। कथन 2 गलत है; उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की प्रति इकाई क्षेत्रफल शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता (NPP) महासागरों की तुलना में बहुत अधिक होती है (हालांकि महासागरों का कुल क्षेत्रफल बड़ा है, किंतु पोषक तत्वों की कमी के कारण प्रति इकाई उत्पादकता कम होती है)। कथन 3 गलत है क्योंकि चरमोत्कर्ष समुदाय पारिस्थितिक अनुक्रमण का अंतिम चरण होता है जो पर्यावरण के साथ पूर्ण संतुलन में होता है और सबसे अधिक स्थिर होता है।
प्रश्न 5 [भारतीय अर्थव्यवस्था]
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
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यदि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति में ‘उदार रुख’ (Accommodative Stance) अपनाता है, तो वह रेपो दर में वृद्धि करता है।
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जब विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पूंजी वापस खींचते हैं (Capital Outflow), तो भारतीय रुपये का मूल्य ह्रास (Depreciation) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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(a) केवल 1
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(b) केवल 2
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(c) 1 और 2 दोनों
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(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (b)
व्याख्या:
कथन 1 असत्य है। रिजर्व बैंक द्वारा ‘उदार रुख’ (Accommodative Stance) अपनाने का अर्थ है कि वह आर्थिक विकास को गति देने के लिए ब्याज दरों (रेपो रेट) में कटौती कर सकता है या उन्हें स्थिर रख सकता है, न कि दरों में वृद्धि करता है। रेपो रेट में वृद्धि ‘हॉकिश’ (Hawkish) या सख्त मौद्रिक नीति का हिस्सा होती है। कथन 2 सत्य है। जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय पूंजी बाजार से अपना निवेश वापस निकालते हैं, तो वे भारतीय रुपये को बेचकर अमेरिकी डॉलर की मांग करते हैं। इससे विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये की आपूर्ति बढ़ जाती है, जिससे भारतीय रुपये के मूल्य में गिरावट (ह्रास) आती है।
प्रश्न 6 [प्राचीन एवं मध्यकालीन इतिहास]
कथन 1: मौर्य काल में ‘अदेवमातृक’ भूमि वह भूमि कहलाती थी जहाँ खेती के लिए केवल वर्षा के जल पर निर्भर रहना पड़ता था।
कथन 2: कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार, राज्य सिंचाई प्रणालियों के निर्माण के लिए कर (उदकभाग) वसूल कर सकता था।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
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(a) कथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं।
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(b) कथन 1 सही है, परंतु कथन 2 गलत है।
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(c) कथन 1 गलत है, परंतु कथन 2 सही है।
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(d) कथन 1 और कथन 2 दोनों गलत हैं।
उत्तर: (c)
व्याख्या:
कथन 1 गलत है। मौर्य काल में ‘देवमातृक’ भूमि वह होती थी जो वर्षा के जल पर निर्भर होती थी (‘देव’ अर्थात प्राकृतिक वर्षा)। इसके विपरीत, ‘अदेवमातृक’ भूमि वह उपजाऊ भूमि होती थी जो केवल वर्षा पर निर्भर न होकर नदियों, कुओं, और नहरों जैसे कृत्रिम सिंचाई साधनों द्वारा सिंचित होती थी। कथन 2 बिल्कुल सही है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार मौर्य राज्य कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराता था और इसके बदले में कृषकों से सिंचाई कर या ‘उदकभाग’ (Udakabhaga) वसूलता था, जो उपज का 1/5 से 1/3 भाग तक होता था।
प्रश्न 7 [विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी]
जीन एडिटिंग तकनीक ‘CRISPR-Cas9’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
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Cas9 एक विशिष्ट एंजाइम (मॉलिक्यूलर सिज़र) है जो डीएनए के लक्षित अनुक्रम को काटने का काम करता है।
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इस तकनीक का उपयोग केवल पौधों और बैक्टीरिया में ही किया जा सकता है, मानव कोशिकाओं में इसका प्रयोग प्रतिबंधित और असंभव है।
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गाइड आरएनए (gRNA) का कार्य Cas9 एंजाइम को डीएनए के सही स्थान तक निर्देशित करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2 और 3
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(c) केवल 1 और 3
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(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (c)
व्याख्या:
CRISPR-Cas9 एक क्रांतिकारी जीनोम एडिटिंग तकनीक है। इसमें Cas9 एक न्यूक्लिएज एंजाइम है जो आणविक कैंची (Molecular Scissors) की तरह काम करके जीनोम के विशिष्ट स्थान पर डीएनए स्ट्रैंड को काटता है (कथन 1 सही)। गाइड आरएनए (gRNA) एक छोटी आरएनए श्रृंखला है जो Cas9 एंजाइम को डीएनए के ठीक उसी अनुक्रम तक ले जाती है जहाँ बदलाव की आवश्यकता होती है (कथन 3 सही)। कथन 2 गलत है क्योंकि इस तकनीक का सफल परीक्षण और प्रयोग पौधों, जानवरों, बैक्टीरिया तथा मानव कोशिकाओं एवं भ्रूणों पर व्यापक रूप से किया जा चुका है (यद्यपि नैतिक आधारों पर मानव जर्मलाइन संपादन पर सख्त नियम लागू हैं)।
प्रश्न 8 [आधुनिक भारतीय इतिहास]
सूची-I (घटनाएँ) को सूची-II (संबंधित गवर्नर-जनरल/वायसराय) से सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (घटना) | सूची-II (वायसराय/गवर्नर जनरल) |
| A. वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट 1878 | 1. लॉर्ड रिपन |
| B. इल्बर्ट बिल विवाद | 2. लॉर्ड लिटन |
| C. सती प्रथा का उन्मूलन (1829) | 3. लॉर्ड कर्जन |
| D. बंगाल विभाजन (1905) | 4. लॉर्ड विलियम बैंटिक |
सही कूट चुनें:
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(a) A-2, B-1, C-4, D-3
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(b) A-1, B-2, C-4, D-3
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(c) A-2, B-1, C-3, D-4
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(d) A-4, B-3, C-2, D-1
उत्तर: (a)
व्याख्या:
भारतीय इतिहास के इस चरण में प्रशासनिक सुधार और प्रतिक्रियावादी नीतियाँ काफी महत्त्वपूर्ण रहीं। लॉर्ड लिटन के शासनकाल (1876-1880) के दौरान देशी भाषा के समाचार पत्रों पर प्रतिबंध लगाने के लिए वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट 1878 पारित किया गया था (A-2)। लॉर्ड रिपन (1880-1884) के समय भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीय अपराधियों के मुकदमों की सुनवाई का अधिकार देने हेतु इल्बर्ट बिल लाया गया जिसका गोरों ने विरोध किया (B-1)। लॉर्ड विलियम बैंटिक ने राजा राममोहन राय के प्रयासों से 1829 में नियम 17 द्वारा सती प्रथा को अवैध घोषित किया (C-4)। लॉर्ड कर्जन ने 1905 में प्रशासनिक दक्षता का बहाना बनाकर बंगाल का विभाजन किया (D-3)।
प्रश्न 9 [अंतर्राष्ट्रीय संबंध & संस्थाएँ]
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्यों का चुनाव महासभा द्वारा 2 वर्ष की अवधि के लिए किया जाता है।
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किसी भी प्रक्रियात्मक (Procedural) मामले पर निर्णय लेने के लिए स्थायी सदस्यों के ‘वीटो पावर’ का प्रयोग अनिवार्य होता है।
विकल्प:
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(a) केवल 1
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(b) केवल 2
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(c) 1 और 2 दोनों
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(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (a)
व्याख्या:
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य होते हैं: 5 स्थायी (P-5) और 10 गैर-स्थायी। गैर-स्थायी सदस्यों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दो तिहाई बहुमत से 2 वर्ष के कार्यकाल के लिए किया जाता है (कथन 1 सही)। कथन 2 गलत है क्योंकि यूएन चार्टर के अनुसार, प्रक्रियात्मक मामलों (Procedural Matters) पर निर्णय के लिए केवल 9 सकारात्मक वोटों की आवश्यकता होती है, और इस पर P-5 देशों की वीटो (Veto) शक्ति लागू नहीं होती है। वीटो शक्ति केवल गैर-प्रक्रियात्मक या बुनियादी मामलों (Substantive Matters) पर ही लागू की जा सकती है।
प्रश्न 10 [भौतिक भूगोल & जलविज्ञान]
कथन (A): उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones) केवल महासागरों के ऊपर ही उत्पन्न होते हैं और स्थलखंड पर पहुँचते ही समाप्त (Decay) होने लगते हैं।
कारण (R): उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की निरंतर ऊर्जा का मुख्य स्रोत संघनन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Condensation) है, जो महासागरीय जलवाष्प से प्राप्त होती है।
कूट:
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(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
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(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
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(c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
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(d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है।
उत्तर: (a)
व्याख्या:
उष्णकटिबंधीय चक्रवात अत्यधिक विनाशकारी मौसमी प्रणालियाँ हैं। इनके निर्माण के लिए कम से कम 27°C का समुद्री सतह तापमान आवश्यक होता है। गर्म महासागरीय सतह से भारी मात्रा में जलवाष्प ऊपर उठती है। जब यह जलवाष्प ऊपर जाकर संघनित होती है, तो संघनन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) मुक्त होती है, जो चक्रवात के इंजन की तरह कार्य करती है और उसे ऊर्जा प्रदान करती है। जैसे ही चक्रवात तट को पार करके स्थल (Landfall) पर पहुँचता है, जलवाष्प की निरंतर आपूर्ति कट जाती है और धरातलीय घर्षण बढ़ जाता है, जिससे चक्रवात कमजोर होकर समाप्त हो जाता है। अतः कथन और कारण दोनों सत्य हैं तथा कारण सही व्याख्या है।
प्रश्न 11 [कला एवं संस्कृति]
भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
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सत्रिया (Sattriya): वैष्णव मठों (सत्रों) से उद्भूत असम का शास्त्रीय नृत्य।
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मोहिनीअट्टम: केवल पुरुषों द्वारा किया जाने वाला तमिलनाडु का एकल नृत्य।
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कुचिपुड़ी: आंध्र प्रदेश का नृत्य-नाटक जिसमें ‘तरंगम’ (पीतल की थाली के किनारों पर नृत्य) शामिल है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 1 और 3
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(c) केवल 2 और 3
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(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b)
व्याख्या:
युग्म 1 सही सुमेलित है; सत्रिया नृत्य असम में 15वीं शताब्दी में महान संत श्रीमंत शंकरदेव द्वारा शुरू किए गए वैष्णव भक्ति आंदोलन और सत्रों (मठों) से निकला नृत्य है। युग्म 3 सही सुमेलित है; कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश का प्रसिद्ध नृत्य-नाटक है जिसकी एक अनूठी विशेषता ‘तरंगम’ है, जिसमें नर्तक पीतल की थाली के किनारों पर पैर रखकर संतुलन बनाते हुए नृत्य करता है। युग्म 2 गलत है क्योंकि मोहिनीअट्टम केरल का शास्त्रीय नृत्य है (न कि तमिलनाडु का) और यह पारंपरिक रूप से महिलाओं द्वारा किया जाने वाला लास्य भाव प्रधान एकल नृत्य है।
प्रश्न 12 [भारतीय राजव्यवस्था]
निम्नलिखित में से कौन-सा/से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के दायरे में आता है/आते हैं?
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विदेश यात्रा करने का अधिकार।
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निजता का अधिकार (Right to Privacy)।
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स्वच्छ पर्यावरण एवं प्रदूषण मुक्त जल में जीने का अधिकार।
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आजीविका का अधिकार (Right to Livelihood)।
सही विकल्प का चयन कीजिए:
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2, 3 और 4
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(c) केवल 1, 3 और 4
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(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (d)
व्याख्या:
भारतीय उच्चतम न्यायालय ने समय-समय पर अपने प्रगतिशील निर्णयों के माध्यम से अनुच्छेद 21 (प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार) के दायरे का विस्तार किया है। मैनका गांधी मामले (1978) में ‘विदेश यात्रा का अधिकार’ अनुच्छेद 21 का हिस्सा माना गया। के.एस. पुट्टास्वामी मामले (2017) में ‘निजता के अधिकार’ को मौलिक अधिकार घोषित किया गया। सुभाष कुमार बनाम बिहार राज्य और अन्य मामलों में स्वच्छ पर्यावरण एवं प्रदूषण मुक्त जल के अधिकार को जीवन के अधिकार में शामिल माना गया। ओलगा टेलिस मामले में ‘आजीविका के अधिकार’ को भी अनुच्छेद 21 में समाहित माना गया। अतः सभी विकल्प सही हैं।
प्रश्न 13 [पर्यावरण & जैव विविधता]
‘बायोचार’ (Biochar) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
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यह पाइरोलिसिस (Pyrolysis) प्रक्रिया द्वारा उच्च तापमान पर ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में जैविक कचरे को जलाकर बनाया जाता है।
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मृदा में बायोचार मिलाने से उसकी जल धारण क्षमता (Water Holding Capacity) और उर्वरता बढ़ती है।
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इसका उपयोग वायुमंडल से कार्बन को दीर्घकाल तक मृदा में अलग (Carbon Sequestration) करने हेतु किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2 और 3
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(c) केवल 1 और 3
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(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
व्याख्या:
बायोचार एक सूक्ष्म-छिद्रयुक्त, कार्बन-समृद्ध पदार्थ है। इसका निर्माण बायोमास (जैसे कृषि अपशिष्ट, लकड़ी) को बिना ऑक्सीजन या सीमित ऑक्सीजन के उच्च तापमान (300-700°C) पर गर्म करके (पाइरोलिसिस) किया जाता है (कथन 1 सही)। जब इसे मिट्टी में मिलाया जाता है, तो इसकी स्पंजी संरचना के कारण मिट्टी की जल धारण क्षमता, पोषक तत्वों को रोकने की क्षमता और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की गतिविधि में वृद्धि होती है (कथन 2 सही)। चूंकि बायोचार में मौजूद कार्बन बहुत स्थिर होता है और सैकड़ों वर्षों तक विघटित नहीं होता, इसलिए यह कार्बन सिक्वेस्ट्रेशन (कार्बन पृथक्करण) का एक प्रभावी तरीका है जो ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में मदद करता है (कथन 3 सही)।
प्रश्न 14 [आधुनिक इतिहास]
1916 के ‘लखनऊ समझौते’ (Lucknow Pact) के संदर्भ में कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
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इसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग को एक राजनीतिक मंच पर ला दिया।
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कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorate) की मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया।
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इस अधिवेशन की अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी।
कूट:
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2 और 3
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(c) केवल 1 और 3
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(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a)
व्याख्या:
1916 का लखनऊ अधिवेशन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्त्वपूर्ण मोड़ था। इस अधिवेशन में बाल गंगाधर तिलक और मोहम्मद अली जिन्ना के प्रयासों से कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ (कथन 1 सही)। इस समझौते की सबसे बड़ी बात यह थी कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की ‘पृथक निर्वाचक मंडल’ की मांग को स्वीकार कर लिया, जिसे कई इतिहासकार बाद में सांप्रदायिकता के बीजारोपण के रूप में देखते हैं (कथन 2 सही)। कथन 3 गलत है क्योंकि 1916 के इस ऐतिहासिक लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजूमदार (A.C. Majumdar) ने की थी, न कि महात्मा गांधी ने। (गांधी जी ने केवल 1924 के बेलगाम अधिवेशन की अध्यक्षता की थी)।
प्रश्न 15 [कृषि एवं भूगोल]
‘जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग’ (ZBNF) के संदर्भ में निम्नलिखित घटकों पर विचार कीजिए:
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बीजामृत: देशी गाय के गोबर और मूत्र से तैयार घोल जिससे बीजों का उपचार किया जाता है।
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जीवामृत: मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की गतिविधि बढ़ाने के लिए तैयार किया जाने वाला किण्वित (Fermented) मिश्रण।
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आच्छादन (Mulching): मृदा की नमी बनाए रखने के लिए फसल अवशेषों से मिट्टी को ढकना।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से ZBNF का/के मुख्य स्तंभ है/हैं?
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2 और 3
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(c) केवल 1 और 3
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(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
व्याख्या:
जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग (ZBNF) कृषि शोधकर्ता सुभाष पालेकर द्वारा विकसित एक प्राकृतिक खेती मॉडल है जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का बिल्कुल प्रयोग नहीं होता। इसके चार मुख्य स्तंभ हैं: (1) बीजामृत – नए बीजों को कवक व कीट जनित रोगों से बचाने हेतु गोबर-मूत्र का उपचार। (2) जीवामृत – मिट्टी में सूक्ष्मजीवों और केंचुओं को सक्रिय करने वाला पोषक घोल। (3) आच्छादन (Mulching) – मृदा की ऊपरी परत को फसल अवशेषों या अंतर-फसलों से ढकना ताकि नमी बनी रहे और वाष्पीकरण रुके। (4) वापासा (Whapasa) – मिट्टी में हवा और जलवाष्प का संतुलन। अतः तीनों घटक सही हैं।
प्रश्न 16 [सामान्य विज्ञान]
कथन 1: निकट दृष्टिदोष (Myopia) से पीड़ित व्यक्ति पास की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है, परंतु दूर की वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख पाता।
कथन 2: निकट दृष्टिदोष के निवारण के लिए उत्तल लेंस (Convex Lens) का प्रयोग किया जाता है।
सही विकल्प चुनें:
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(a) कथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं।
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(b) कथन 1 सही है, परंतु कथन 2 गलत है।
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(c) कथन 1 गलत है, परंतु कथन 2 सही है।
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(d) कथन 1 और कथन 2 दोनों गलत हैं।
उत्तर: (b)
व्याख्या:
मानव नेत्र दोषों के संदर्भ में, निकट दृष्टिदोष (Myopia) में नेत्र गोलक का लंबा हो जाने या लेंस की वक्रता बढ़ जाने के कारण दूर स्थित वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना पर बनने के बजाय रेटिना के थोड़ा पहले (आगे) बन जाता है। इसलिए व्यक्ति पास की वस्तुएं तो स्पष्ट देख पाता है लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं (कथन 1 सही)। कथन 2 असत्य है क्योंकि इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस (Concave Lens/Diverging Lens) का उपयोग किया जाता है ताकि प्रकाश किरणें अपसरित होकर सही बिंदु (रेटिना) पर फोकसित हो सकें। उत्तल लेंस का प्रयोग दूर दृष्टिदोष (Hypermetropia) के लिए किया जाता है।
प्रश्न 17 [अर्थशास्त्र]
‘मुद्रास्फीतिजनित मंदी’ (Stagflation) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
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यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें अर्थव्यवस्था में उच्च मुद्रास्फीति (Inflation) के साथ-साथ आर्थिक संकुचन या धीमी वृद्धि (Stagnation) होती है।
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इस स्थिति में आमतौर पर बेरोजगारी दर बहुत कम हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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(a) केवल 1
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(b) केवल 2
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(c) 1 और 2 दोनों
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(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (a)
व्याख्या:
स्टैगफ्लेशन (Stagflation) अर्थशास्त्र में एक कठिन स्थिति को दर्शाता है। पारंपरिक आर्थिक सिद्धांतों के विपरीत जहाँ महंगाई बढ़ने पर रोजगार बढ़ता है, स्टैगफ्लेशन में दो विपरीत परिस्थितियाँ एक साथ उत्पन्न होती हैं: उच्च मुद्रास्फीति (बढ़ती कीमतें) और आर्थिक ठहराव/मंदी (GDP की कम वृद्धि दर)। अतः कथन 1 सत्य है। कथन 2 गलत है क्योंकि आर्थिक गतिविधि सुस्त होने और उत्पादन घटने के कारण कंपनियों से श्रमिकों की छंटनी होती है, जिसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर घटती नहीं बल्कि अत्यधिक उच्च स्तर पर पहुँच जाती है। नीति निर्माताओं के लिए इस स्थिति से निपटना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
प्रश्न 18 [इतिहास & स्थापत्य कला]
सूची-I (प्राचीन स्मारक) को सूची-II (संबंधित शासक/राजवंश) से सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (स्मारक) | सूची-II (राजवंश/शासक) |
| A. कैलाश मंदिर (एलोरा) | 1. नरसिंहवर्मन प्रथम (पल्लव) |
| B. बृहदेश्वर मंदिर (तंजावुर) | 2. कृष्ण प्रथम (राष्ट्रकूट) |
| C. रथ मंदिर (महाबलीपुरम) | 3. राजा राज चोल प्रथम |
| D. कोणार्क का सूर्य मंदिर | 4. नरसिंहदेव प्रथम (पूर्वी गंग) |
सही कूट का चयन कीजिए:
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(a) A-2, B-3, C-1, D-4
-
(b) A-1, B-3, C-2, D-4
-
(c) A-2, B-4, C-1, D-3
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(d) A-3, B-2, C-4, D-1
उत्तर: (a)
व्याख्या:
एलोरा का प्रसिद्ध गुफा संख्या 16 स्थित ‘कैलाश मंदिर’ एक ही विशाल एकाश्म (Monolithic) चट्टान को तराशकर बनाया गया है, जिसे राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम ने बनवाया था (A-2)। तंजावुर का ‘बृहदेश्वर मंदिर’ द्रविड़ वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे चोल सम्राट राजा राज प्रथम ने बनवाया था (B-3)। महाबलीपुरम के सप्त ‘रथ मंदिर’ या एकाश्म रथों का निर्माण पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम (मामल्ल) के काल में हुआ था (C-1)। ओडिशा स्थित कोणार्क के ‘सूर्य मंदिर’ (ब्लैक पैगोडा) का निर्माण 13वीं शताब्दी में पूर्वी गंग वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम ने करवाया था (D-4)।
प्रश्न 19 [भारतीय राजव्यवस्था]
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
-
CAG की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उन्हें केवल उसी रीति से हटाया जा सकता है जिस रीति से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को।
-
CAG संसद की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है।
-
CAG का वेतन और अन्य सेवा शर्तें संसद द्वारा निर्धारित की जाती हैं और यह भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) पर भारित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2 और 3
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(c) केवल 1 और 3
-
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
व्याख्या:
अनुच्छेद 148 के तहत CAG भारत का एक संवैधानिक पद है। CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और उनकी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया अत्यंत कठिन बनाई गई है—उन्हें केवल संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर (कदाचार या अक्षमता) हटाया जा सकता है, ठीक वैसे ही जैसे SC के जज को (कथन 1 सही)। CAG अपनी लेखा परीक्षा रिपोर्ट संसद में पेश करते हैं, जिसकी विस्तृत जांच लोक लेखा समिति (PAC) करती है; अतः CAG को PAC का गाइड माना जाता है (कथन 2 सही)। CAG का वेतन और प्रशासनिक व्यय भारत की संचित निधि पर भारित (Charged) होता है, जिस पर संसद में मतदान नहीं होता (कथन 3 सही)।
प्रश्न 20 [भूगोल & पर्यावरण]
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
-
‘पेरियार राष्ट्रीय उद्यान’ मुख्य रूप से नीलगिरी तहर (Nilgiri Tahr) के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
-
‘केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान’ विश्व का एकमात्र तैरता हुआ (Floating) राष्ट्रीय उद्यान है जो लोकतक झील में स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
-
(a) केवल 1
-
(b) केवल 2
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(c) 1 और 2 दोनों
-
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (b)
व्याख्या:
कथन 1 असत्य है क्योंकि नीलगिरी तहर (एक संकटग्रस्त जंगली बकरी) का मुख्य संरक्षण क्षेत्र ‘इरविकुलम राष्ट्रीय उद्यान’ (केरल) है, न कि पेरियार। पेरियार राष्ट्रीय उद्यान मुख्य रूप से हाथी और बाघ संरक्षण के लिए जाना जाता है। कथन 2 बिल्कुल सत्य है; मणिपुर में स्थित ‘केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान’ विश्व का एकमात्र तैरता हुआ पार्क है। यह लोकतक झील का एक अभिन्न अंग है, जहाँ तैरती हुई वनस्पति और मिट्टी के प्राकृतिक द्वीपों को ‘फुमडी’ (Phumdis) कहा जाता है। यह पार्क अत्यधिक संकटग्रस्त संगाई हिरण (Brow-antlered deer) का अंतिम प्राकृतिक आवास है।
प्रश्न 21 [प्रौद्योगिकी & अंतरिक्ष]
‘नाविक’ (NavIC – Navigation with Indian Constellation) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
-
यह इसरो (ISRO) द्वारा विकसित एक स्वायत्त क्षेत्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणाली है।
-
इसमें कुल 7 उपग्रहों का एक समूह शामिल है जो संपूर्ण भारत और इसकी सीमाओं से 1500 किमी तक के क्षेत्र को कवर करता है।
-
यह प्रणाली केवल भारतीय सैन्य बलों के उपयोग के लिए है और आम नागरिकों के लिए उपलब्ध नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
-
(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2 और 3
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(c) केवल 1 और 3
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(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a)
व्याख्या:
NavIC (IRNSS) भारत का अपना उपग्रह आधारित नेविगेशन सिस्टम है जिसे ISRO ने तैयार किया है (कथन 1 सही)। इस नक्षत्र में 7 उपग्रह कार्य कर रहे हैं (3 भू-स्थैतिक और 4 भू-समकालिक कक्षा में)। यह भारत तथा भारत की सीमाओं से लगभग 1,500 किलोमीटर तक के प्राथमिक सेवा क्षेत्र में सटीक स्थिति निर्धारण सेवा प्रदान करता है (कथन 2 सही)। कथन 3 गलत है क्योंकि NavIC दो प्रकार की सेवाएँ प्रदान करता है: (i) मानक स्थिति निर्धारण सेवा (SPS) जो सभी आम उपयोगकर्ताओं/नागरिकों के लिए खुली है, और (ii) प्रतिबंधित सेवा (RS) जो केवल अधिकृत उपयोगकर्ताओं और सेना के लिए एन्क्रिप्टेड रूप में उपलब्ध है।
प्रश्न 22 [प्राचीन इतिहास]
हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
-
(a) हड़प्पा वासी तांबा, कांसा, सोना और चांदी जैसी धातुओं से परिचित थे।
-
(b) हड़प्पा के नगरों में उन्नत जल निकासी प्रणाली (Drainage System) मौजूद थी।
-
(c) हड़प्पा सभ्यता के स्थलों से लोहे के बने अस्त्र-शस्त्र और लोहे की कुल्हाड़ियों के व्यापक साक्ष्य मिले हैं।
-
(d) धोलावीरा नगर तीन भागों में विभाजित था और यहाँ विशाल जलाशय के साक्ष्य मिले हैं।
उत्तर: (c)
व्याख्या:
विकल्प (c) गलत है (और इसलिए यही उत्तर है)। सिंधु घाटी सभ्यता एक ‘कांस्य युगीन’ (Bronze Age) सभ्यता थी। हड़प्पा के लोग तांबे, कांसे, सोने, चांदी और सीसे से अच्छी तरह परिचित थे, किंतु वे ‘लोहे’ (Iron) से पूरी तरह अनभिज्ञ थे। भारत में लोहे का उपयोग वैदिक काल (लगभग 1000 ईसा पूर्व के आसपास, उत्तर वैदिक काल) में शुरू हुआ था। अन्य सभी विकल्प सही हैं: हड़प्पा नगर अपनी ग्रिड प्रणाली और ढकी हुई नालियों की सफाई के लिए प्रसिद्ध थे। धोलावीरा (गुजरात) की अनूठी विशेषता यह थी कि यह अन्य हड़प्पा नगरों (जो दो भागों में थे) के विपरीत तीन भागों में बंटा था और वहाँ जल प्रबंधन के लिए चट्टानों को काटकर बनाए गए विशाल जलाशय मिले हैं।
प्रश्न 23 [भारतीय अर्थव्यवस्था]
निम्नलिखित में से कौन-से घटक भारत के ‘विदेशी मुद्रा भंडार’ (Foreign Exchange Reserves) में शामिल होते हैं?
-
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA)
-
स्वर्ण भंडार (Gold Reserves)
-
विशेष आहरण अधिकार (SDR – Special Drawing Rights)
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आईएमएफ के पास रिजर्व ट्रेंच स्थिति (Reserve Tranche Position)
सही कूट का चयन कीजिए:
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(a) केवल 1 और 2
-
(b) केवल 1, 2 और 3
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(c) केवल 2, 3 और 4
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(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (d)
व्याख्या:
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रबंधित भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में चार मुख्य घटक शामिल होते हैं:
-
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (Foreign Currency Assets – FCA): इसमें डॉलर, यूरो, पाउंड आदि जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं शामिल हैं।
-
स्वर्ण भंडार (Gold Reserves): आरबीआई द्वारा रखा गया सोना।
-
विशेष आहरण अधिकार (SDRs): अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा निर्मित एक अंतरराष्ट्रीय आरक्षित परिसंपत्ति।
-
रिजर्व ट्रेंच पोजीशन (RTP): IMF में भारत का अपना आरक्षित कोटा जिसे आवश्यकता पड़ने पर निकाला जा सकता है।
अतः ये चारों घटक मिलकर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बनाते हैं।
प्रश्न 24 [पर्यावरण & जलवायु परिवर्तन]
कथन (A): मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संधियों में सबसे सफल पहलों में से एक माना जाता है।
कारण (R): किगाली संशोधन (Kigali Amendment) के माध्यम से मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के दायरे को बढ़ाकर इसमें हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने को शामिल किया गया।
कूट:
-
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
-
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
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(c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
-
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है।
उत्तर: (b)
व्याख्या:
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों (जैसे CFCs) को रोकने के लिए 1987 में अपनाया गया था और यह सार्वभौमिक अनुपालन प्राप्त करने वाली एक बेहद सफल संधि रही है (कथन A सही)। 2016 में हुए ‘किगाली संशोधन’ द्वारा इसमें HFCs को कम करने का लक्ष्य जोड़ा गया। यद्यपि HFCs ओजोन परत को नुकसान नहीं पहुँचाते, परंतु वे प्रबल ग्रीनहाउस गैसें हैं जो ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाती हैं (कारण R सही)। हालाँकि, कारण R यह स्पष्ट नहीं करता कि 1987 में मूल मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल सफल क्यों हुआ (उसकी सफलता का कारण देशों की त्वरित सहमति और CFCs का विकल्प ढूँढना था)। अतः दोनों सही हैं पर R, A की व्याख्या नहीं है।
प्रश्न 25 [भारतीय राजव्यवस्था]
संसदीय समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
-
प्राकलन समिति (Estimates Committee) में केवल लोकसभा के 30 सदस्य होते हैं, इसमें राज्यसभा का कोई प्रतिनिधित्व नहीं होता।
-
लोक उपक्रमों संबंधी समिति (Committee on Public Undertakings) का अध्यक्ष अनिवार्य रूप से केवल विपक्षी दल का सदस्य ही होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
-
(a) केवल 1
-
(b) केवल 2
-
(c) 1 और 2 दोनों
-
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (a)
व्याख्या:
कथन 1 बिल्कुल सही है। ‘प्राकलन समिति’ संसद की सबसे बड़ी स्थायी समिति होती है जिसमें कुल 30 सदस्य होते हैं और ये सभी सदस्य केवल लोकसभा से चुने जाते हैं। इसमें राज्यसभा का कोई सदस्य शामिल नहीं होता। कथन 2 असत्य है। लोक लेखा समिति (PAC) में यह एक स्थापित परंपरा है कि उसका अध्यक्ष विपक्ष का नेता या विपक्षी दल का सदस्य होता है, परंतु ‘लोक उपक्रमों संबंधी समिति’ (COPU) के लिए ऐसा कोई अनिवार्य नियम नहीं है। COPU के अध्यक्ष की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इसके लोकसभा सदस्यों में से ही की जाती है, जो कि सत्तारूढ़ दल का भी हो सकता है।
प्रश्न 26 [मध्यकालीन भारत का इतिहास]
विजयनगर साम्राज्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
-
‘अमरम’ (Amaram) विजयनगर साम्राज्य में सैनिकों और सैन्य नायकों (नायकों) को उनकी सेवाओं के बदले दी जाने वाली भूमि अनुदान प्रणाली थी।
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प्रसिद्ध विदेशी यात्री अब्दुर रज्जाक ने कृष्णदेव राय के शासनकाल के दौरान विजयनगर की यात्रा की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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(a) केवल 1
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(b) केवल 2
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(c) 1 और 2 दोनों
-
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (a)
व्याख्या:
कथन 1 सही है। विजयनगर की प्रशासनिक एवं सैन्य व्यवस्था में ‘अमर-नायाक’ प्रणाली एक प्रमुख विशेषता थी। इसमें सैन्य प्रमुखों (नायकों) को वेतन के बदले भू-क्षेत्र दिए जाते थे, जिन्हें ‘अमरम’ कहा जाता था। इसके बदले वे राजा को सैनिक सहायता प्रदान करते थे और कर वसूलते थे। कथन 2 गलत है। फारस के शासक शाहरुख के दूत अब्दुर रज्जाक ने 1442-43 ई. में संगम वंश के राजा ‘देवराय द्वितीय’ के शासनकाल में विजयनगर की यात्रा की थी, न कि कृष्णदेव राय के समय। कृष्णदेव राय (तुलुव वंश) के काल में पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस और बारबोसा आए थे।
प्रश्न 27 [भौतिक भूगोल]
प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
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अपसारी सीमा (Divergent Boundary): मध्य-अटलांटिक कटक (Mid-Atlantic Ridge)
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अभिसारी सीमा (Convergent Boundary): हिमालय पर्वतमाला
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रूपांतर सीमा (Transform Boundary): सैन एंड्रियास भ्रंश (San Andreas Fault)
उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2 और 3
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(c) केवल 1 और 3
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(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
व्याख्या:
प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी का स्थल मंडल कई मुख्य और गौण प्लेटों में बंटा है।
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अपसारी सीमा: जहाँ दो प्लेटें एक-दूसरे से विपरीत दिशा में हटती हैं और नया क्रस्ट बनता है। मध्य-अटलांटिक कटक इसका सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है (युग्म 1 सही)।
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अभिसारी सीमा: जहाँ दो प्लेटें टकराती हैं। भारतीय प्लेट और यूरेशियाई प्लेट के अभिसरण (टक्कर) से ही मोड़दार हिमालय पर्वतमाला का निर्माण हुआ है (युग्म 2 सही)।
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रूपांतर सीमा: जहाँ दो प्लेटें एक-दूसरे के पार्श्व (क्षैतिज) में घिसटते हुए गति करती हैं, जहाँ न तो क्रस्ट बनता है न नष्ट होता है। कैलिफोर्निया का सैन एंड्रियास भ्रंश इसका प्रमुख उदाहरण है (युग्म 3 सही)।
प्रश्न 28 [संस्कृति एवं दर्शन]
भारतीय दर्शन की ‘षड्दर्शन’ (छह आस्तिक प्रणालियों) की शाखाओं और उनके प्रवर्तकों का सही मिलान कीजिए:
| सूची-I (दर्शन) | सूची-II (प्रवर्तक/ऋषि) |
| A. न्याय दर्शन | 1. महर्षि कणाद |
| B. वैशेषिक दर्शन | 2. महर्षि गौतम |
| C. सांख्य दर्शन | 3. महर्षि पतंजलि |
| D. योग दर्शन | 4. महर्षि कपिल |
सही कूट चुनें:
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(a) A-2, B-1, C-4, D-3
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(b) A-1, B-2, C-3, D-4
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(c) A-2, B-4, C-1, D-3
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(d) A-3, B-1, C-4, D-2
उत्तर: (a)
व्याख्या:
भारतीय प्राचीन चिंतन परंपरा में छह प्रमुख आस्तिक दर्शन विकसित हुए:
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न्याय दर्शन: तर्क, प्रमाण और विश्लेषणात्मक चिंतन पर आधारित है, जिसके प्रवर्तक महर्षि गौतम थे (A-2)।
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वैशेषिक दर्शन: यह परमाणुवाद (Atomism) और भौतिक दुनिया के वर्गीकरण की बात करता है, इसके प्रवर्तक महर्षि कणाद थे (B-1)।
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सांख्य दर्शन: यह पुरुष (चेतना) और प्रकृति (पदार्थ) के द्वैतवाद पर आधारित सबसे प्राचीन दर्शनों में से एक है, जिसकी रचना महर्षि कपिल ने की (C-4)।
-
योग दर्शन: चित्त की वृत्तियों के निरोध और अष्टांग मार्ग द्वारा मोक्ष की बात करता है, जिसके सूत्रधार महर्षि पतंजलि हैं (D-3)।
प्रश्न 29 [कृषि & मृदा विज्ञान]
भारत में ‘काली मृदा’ (Black Soil / Regur Soil) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
-
इसका निर्माण मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट लावा के अपक्षय (Weathering) से हुआ है।
-
इसमें लोहे, चूने, कैल्शियम और मैग्नीशियम की प्रचुरता होती है, परंतु नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी होती है।
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यह मृदा शुष्क मौसम में सिकुड़ जाती है और इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं, जिससे इसे ‘स्वतः जुताई वाली मिट्टी’ (Self-ploughing soil) भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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(a) केवल 1 और 2
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(b) केवल 2 और 3
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(c) केवल 1 और 3
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(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
व्याख्या:
काली मिट्टी जिसे ‘रेगुर’ या कपास की मिट्टी भी कहा जाता है, भारत के दक्कन पठार क्षेत्र (महाराष्ट्र, गुजरात, मप्र) में पाई जाती है। इसका निर्माण ज्वालामुखी बेसाल्ट चट्टानों के टूटने-फूटने से हुआ है (कथन 1 सही)। रासायनिक रूप से इसमें लोहा, चूना, एल्युमिनियम, और कार्बोनेट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, लेकिन अन्य भारतीय मिट्टियों की भांति इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और जैविक पदार्थ (ह्यूमस) की कमी होती है (कथन 2 सही)। इसकी क्ले (Clay) संरचना के कारण गीली होने पर यह फूलती व चिपचिपी हो जाती है तथा सूखने पर सिकुड़कर इसमें बड़ी-बड़ी दरारें पड़ जाती हैं। इस प्रक्रिया से हवा मिट्टी के अंदर तक पहुँच जाती है, इसीलिए इसे स्वतः जुताई वाली मिट्टी कहते हैं (कथन 3 सही)।
प्रश्न 30 [अंतर्राष्ट्रीय मामले & भूगोल]
निम्नलिखित में से कौन-से देश ‘भूमध्य सागर’ (Mediterranean Sea) के साथ अपनी सीमा साझा करते हैं?
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मिस्र (Egypt)
-
तुर्की (Türkiye)
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सिरिया (Syria)
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जॉर्डन (Jordan)
सही उत्तर का चयन कूट द्वारा कीजिए:
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(a) केवल 1, 2 और 3
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(b) केवल 2, 3 और 4
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(c) केवल 1 और 4
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(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (a)
व्याख्या:
भूमध्य सागर तीन महाद्वीपों (यूरोप, एशिया और अफ्रीका) से घिरा हुआ एक महत्त्वपूर्ण जल निकाय है।
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अफ्रीकी तट पर: मिस्र (Egypt), लीबिया, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, मोरक्को स्थित हैं। (1 शामिल है)
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एशियाई/मध्य पूर्व तट पर: तुर्की (Türkiye), सीरिया (Syria), लेबनान, इसराइल भूमध्य सागर से लगे हुए हैं। (2 और 3 शामिल हैं)
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जॉर्डन (Jordan): जॉर्डन एक लगभग स्थल-रुद्ध देश है, जिसकी बहुत छोटी समुद्री सीमा केवल दक्षिण में ‘अकाबा की खाड़ी’ (लाल सागर) से लगती है। जॉर्डन की कोई सीमा भूमध्य सागर को नहीं छूती है।
अतः केवल 1, 2 और 3 सही हैं। UPSC GS Paper 1 Practice Set: 30 उच्च स्तरीय प्रश्न, उत्तर और विस्तृत व्याख्या
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