भारतीय संविधान के प्रमुख अनुच्छेद: परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले Articles की पूरी सूची (Important Articles of Indian Constitution in Hindi)
भारतीय संविधान (Indian Constitution) विश्व का सबसे विस्तृत और व्यापक लिखित संविधान है। जब 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ था, तब इसमें मूल रूप से 395 अनुच्छेद (Articles), 22 भाग (Parts) और 8 अनुसूचियां (Schedules) थीं। वर्तमान में विभिन्न संविधान संशोधनों के बाद इसमें अनुच्छेदों की संख्या 470 से अधिक हो चुकी है, लेकिन मूल संरचना में आज भी 395 अनुच्छेद ही गिने जाते हैं।
यदि आप UPSC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), SSC CGL, Railway, RPF या Banking की तैयारी कर रहे हैं, तो Important Articles of Indian Constitution in Hindi एक ऐसा Section है जहाँ से हर परीक्षा में 2 से 4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
395 से अधिक अनुच्छेदों को एक साथ याद रखना किसी भी Candidate के लिए आसान नहीं होता। इसलिए, इस Important Articles of Indian Constitution in Hindi Comprehensive Guide में हम केवल उन्हीं महत्वपूर्ण अनुच्छेदों (Important Articles) की चर्चा करेंगे, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार रिपीट (Repeat) होते हैं।
भारतीय संविधान की संरचना: भाग और अनुच्छेद (Parts and Articles)
संविधान के विशाल तंत्र को समझने के लिए इसे 22 प्रमुख भागों (Parts) में विभाजित किया गया है। परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण भागों का विवरण नीचे दी गई तालिका (Table) में दिया गया है: Important Articles of Indian Constitution in Hindi
| संविधान का भाग (Part) | विषय (Subject Matter) | अनुच्छेद सीमा (Article Range) |
| Part I | संघ और उसका राज्य क्षेत्र (Union and its Territory) | Article 1 – 4 |
| Part II | नागरिकता (Citizenship) | Article 5 – 11 |
| Part III | मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) | Article 12 – 35 |
| Part IV | राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) | Article 36 – 51 |
| Part IV-A | मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) | Article 51A |
| Part V | संघ सरकार (The Union – President, PM, Parliament) | Article 52 – 151 |
| Part VI | राज्य सरकारें (The States – Governor, CM, High Court) | Article 152 – 237 |
| Part XV | निर्वाचन/चुनाव (Elections) | Article 324 – 329 |
| Part XVIII | आपातकालीन प्रावधान (Emergency Provisions) | Article 352 – 360 |
| Part XX | संविधान का संशोधन (Amendment of the Constitution) | Article 368 |
भाग 1 से 4: संघ, नागरिकता, मौलिक अधिकार और DPSP
1. संघ और उसका राज्य क्षेत्र (Articles 1 to 4)
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Article 1: भारत, अर्थात् इंडिया, “राजयों का संघ” (Union of States) होगा।
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Article 2: नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना (संसद की शक्ति)।
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Article 3: नए राज्यों का निर्माण, वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन (जैसे तेलंगाना का गठन)।
2. नागरिकता (Articles 5 to 11)
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Article 5: संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता।
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Article 11: संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का कानून बनाकर विनियमन (Regulation of Citizenship by Law)।
3. मौलिक अधिकार – Fundamental Rights (Articles 12 to 35)
यह भाग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए Most Important Section है। संविधान के Part III को भारत का मैग्नाकार्टा (Magna Carta) कहा जाता है।
┌──> समानता का अधिकार (Articles 14-18)
├──> स्वतंत्रता का अधिकार (Articles 19-22)
├──> शोषण के विरुद्ध अधिकार (Articles 23-24)
Fundamental ──────┼──> धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (Articles 25-28)
Rights ├──> संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार (Articles 29-30)
└──> संवैधानिक उपचारों का अधिकार (Article 32)
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Article 14: कानून के समक्ष समानता (Equality before Law)।
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Article 15: धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध।
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Article 16: लोक नियोजन (Public Employment) में अवसर की समानता।
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Article 17: अस्पृश्यता का अंत (Abolition of Untouchability) — यह परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जाने वाला अनुच्छेद है।
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Article 18: उपाधियों का अंत (Abolition of Titles)।
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Article 19: वाक्-स्वातंत्र्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech and Expression – 19(1)(a) में प्रेस की स्वतंत्रता शामिल है)।
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Article 21: प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण (Protection of Life and Personal Liberty)।
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Article 21A: शिक्षा का अधिकार (Right to Education) — 86वें संविधान संशोधन 2002 द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा।
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Article 23: मानव के दुर्व्यापार और बालश्रम (Forced Labour) पर रोक।
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Article 24: कारखानों आदि में बालकों के नियोजन पर प्रतिषेध (Prohibition of Child Labour)।
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Article 25: अंतःकरण की और धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता।
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Article 32: संवैधानिक उपचारों का अधिकार (Right to Constitutional Remedies) — डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने इसे “संविधान की आत्मा और हृदय” (Heart and Soul of the Constitution) कहा था। इसके तहत Supreme Court 5 प्रकार की रीट्स (Writs – Habeas Corpus, Mandamus, Certiorari, Prohibition, Quo-Warranto) जारी करता है।
4. राज्य के नीति निदेशक तत्व – DPSP (Articles 36 to 51)
DPSP आयरलैंड (Ireland) के संविधान से लिए गए हैं:
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Article 39A: समान न्याय और नि:शुल्क कानूनी सहायता (Free Legal Aid)।
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Article 40: ग्राम पंचायतों का संगठन (Organization of Village Panchayats) — महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित।
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Article 44: समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC)।
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Article 45: 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखरेख और शिक्षा का प्रावधान।
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Article 48A: पर्यावरण, वन और वन्यजीवों का संरक्षण (Protection of Environment and Wildlife)।
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Article 50: कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण (Separation of Judiciary from Executive)।
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Article 51: अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि (International Peace and Security)।
5. मौलिक कर्तव्य – Fundamental Duties (Article 51A)
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Article 51A: 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा सोन सिंह समिति (Swaran Singh Committee) की सिफारिश पर 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए थे। वर्तमान में 86वें संशोधन 2002 के बाद कुल 11 मौलिक कर्तव्य हैं।
भाग 5: संघ सरकार – कार्यपालिका, संसद और न्यायपालिका
1. भारत का राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति (President & Vice President)
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Article 52: भारत का एक राष्ट्रपति होगा (President of India)।
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Article 53: संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी।
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Article 54: राष्ट्रपति का निर्वाचन मंडल (Electoral College)।
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Article 60: राष्ट्रपति द्वारा ली जाने वाली शपथ (Oath by President)।
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Article 61: राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment of President) चलाने की प्रक्रिया।
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Article 63: भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा (Vice President of India)।
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Article 64: उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होगा।
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Article 72: राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power)।
2. प्रधानमंत्री और ममंत्रिपरिषद (PM & Council of Ministers)
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Article 74: राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) होगी, जिसका प्रधान प्रधानमंत्री होगा।
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Article 75: प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति PM की सलाह पर होगी।
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Article 76: भारत का महान्यायवादी (Attorney General for India) — भारत सरकार का सर्वोच्च कानून अधिकारी।
3. भारतीय संसद (Parliament of India – Articles 79 to 123)
संसद से जुड़े अनुच्छेदों को याद रखने की एक आसान ट्रिक है “सरल” (SARAL):
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स (79): संसद का गठन (Parliament)
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र (80): राज्यसभा की संरचना (Rajya Sabha)
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ल (81): लोकसभा की संरचना (Lok Sabha)
┌──> S = Article 79 (संसद - Parliament)
Trick: "S - A - R - A - L" ┼──> R = Article 80 (राज्यसभा - Rajya Sabha)
└──> L = Article 81 (लोकसभा - Lok Sabha)
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Article 108: संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) — इसे राष्ट्रपति बुलाता है और इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है।
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Article 110: धन विधेयक की परिभाषा (Definition of Money Bill)।
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Article 112: वार्षिक वित्तीय विवरण यानी बजट (Annual Financial Statement/Budget)।
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Article 123: राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति (Power to promulgate Ordinances)।
4. सर्वोच्च न्यायालय – Supreme Court (Articles 124 to 147)
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Article 124: उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन (Establishment of Supreme Court)।
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Article 129: उच्चतम न्यायालय का अभिलेख न्यायालय (Court of Record) होना।
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Article 137: निर्णय या आदेशों का पुनर्विलोकन (Judicial Review by Supreme Court)।
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Article 143: राष्ट्रपति की सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श (Consultation) करने की शक्ति।
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Article 148: भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG – Comptroller and Auditor General) की नियुक्ति और कार्य।
भाग 6: राज्य सरकारें – राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उच्च न्यायालय
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Article 153: राज्यों के राज्यपाल (Governors of States)।
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Article 161: राज्यपाल की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power of Governor)।
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Article 163: राज्यपाल को सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री (CM) की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद।
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Article 165: राज्य का महाधिवक्ता (Advocate General for the State)।
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Article 213: राज्यपाल की अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति।
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Article 214: राज्यों के लिए उच्च न्यायालय (High Courts for States)।
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Article 226: उच्च न्यायालय (High Court) की रीट्स (Writs) जारी करने की शक्ति।
केंद्र-राज्य संबंध, वित्त और आपातकाल (Key Miscellaneous Articles)
1. केंद्र-राज्य संबंध एवं पंचायतें
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Article 243 to 243O: पंचायती राज व्यवस्था (Panchayati Raj System)।
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Article 243P to 243ZG: नगरपालिकाएं (Municipalities)।
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Article 249: राज्य सूची के विषय पर राष्ट्रीय हित में कानून बनाने की संसद की शक्ति।
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Article 263: अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) का गठन।
2. वित्त, संपत्ति और व्यापार (Finance & Property)
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Article 266: भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India)।
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Article 267: भारत की आकस्मिकता निधि (Contingency Fund of India)।
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Article 279A: वस्तु एवं सेवा कर परिषद (GST Council)।
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Article 280: वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन — राष्ट्रपति द्वारा हर 5 वर्ष में।
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Article 300A: संपत्ति का अधिकार (Right to Property) — मूल अधिकार से हटाकर अब इसे कानूनी/संवैधानिक अधिकार बनाया गया है (44वें संशोधन 1978 द्वारा)।
3. निर्वाचन एवं संवैधानिक निकाय (Elections & Bodies)
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Article 312: अखिल भारतीय सेवाएं (All India Services – IAS, IPS, IFS)।
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Article 315: संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग (UPSC & State PSCs)।
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Article 324: भारत का निर्वाचन आयोग (Election Commission of India)।
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Article 338: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (National Commission for SC)।
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Article 338A: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (National Commission for ST)।
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Article 343: संघ की राजभाषा (Official Language of the Union – हिंदी और लिपि देवनागरी)।
4. आपातकालीन प्रावधान – Emergency Provisions (Articles 352 to 360)
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Article 352: राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) — युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर।
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Article 356: राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) — राज्यों में संवैधानिक तंत्र के विफल होने पर।
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Article 360: वित्तीय आपातकाल (Financial Emergency) — भारत में अब तक एक बार भी लागू नहीं हुआ।
5. संविधान संशोधन (Constitutional Amendment)
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Article 368: संविधान में संशोधन करने की संसद की शक्ति (Power of Parliament to amend the Constitution) — यह प्रक्रिया दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के संविधान से ली गई है।
महत्वपूर्ण अनुच्छेदों को याद रखने की Smart Tricks
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राष्ट्रपति और राज्यपाल के अध्यादेश (Ordinance Trick):
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राष्ट्रपति का अध्यादेश: 123
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राज्यपाल का अध्यादेश: डिजिट्स को इंटरचेंज करें → 213
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केंद्र से राज्य के अनुच्छेदों का सम्बंध (+89 और +90 Rule):
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केंद्र के कई अनुच्छेदों में 89 जोड़ने पर राज्य का समकक्ष अनुच्छेद मिल जाता है:
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Article 72 (राष्ट्रपति की क्षमादान) + 89 = Article 161 (राज्यपाल की क्षमादान)
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Article 74 (PM की मंत्रिपरिषद) + 89 = Article 163 (CM की मंत्रिपरिषद)
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Article 76 (Attorney General) + 89 = Article 165 (Advocate General)
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Article 79 (संसद) + 89 = Article 168 (राज्य विधानमंडल)
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आपातकाल (Emergency Trick):
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केवल +4 का रूल याद रखें:
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352 (National Emergency) + 4 = 356 (President’s Rule)
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356 + 4 = 360 (Financial Emergency)
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परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले FAQ
Q1: किस अनुच्छेद को डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने “संविधान का हृदय और आत्मा” कहा था?
Ans: Article 32 (संवैधानिक उपचारों का अधिकार) को।
Q2: मौलिक अधिकार किस अनुच्छेद से किस अनुच्छेद तक हैं?
Ans: Article 12 से Article 35 तक (Part III)।
Q3: भारत में वित्तीय आपातकाल (Financial Emergency) किस अनुच्छेद के तहत लगाया जाता है?
Ans: Article 360 के तहत। भारत में आज तक कभी भी वित्तीय आपातकाल नहीं लगाया गया है।
Q4: संविधान संशोधन की प्रक्रिया किस अनुच्छेद में दी गई है?
Ans: Article 368 में (Part XX)।
निष्कर्ष (Conclusion)
प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए Important Articles of Indian Constitution in Hindi को रटने के बजाय उनके पैटर्न और स्ट्रक्चर को समझना ज़्यादा फायदेमंद होता है। यदि आप ऊपर दिए गए प्रमुख अनुच्छेदों का बार-बार रिवीजन करते हैं और रोजाना 15-20 MCQs सॉल्व करते हैं, तो Polity Section में आपका एक भी नंबर नहीं कटेगा।
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