भारत के प्रमुख गवर्नर जनरल और वायसराय: सूची, कार्य और ट्रिक (Governor General and Viceroy of India in Hindi)

भारत के प्रमुख गवर्नर जनरल और वायसराय: सूची, कार्य और ट्रिक (Governor General and Viceroy of India in Hindi)

आधुनिक भारत का इतिहास (Modern Indian History) प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। चाहे आप UPSC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), SSC CGL, Railway (RRB NTPC), RPF या किसी पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, Governor General and Viceroy of India in Hindi एक ऐसा टॉपिक है जिससे हर साल 2 से 4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।

1757 के प्लासी के युद्ध से लेकर 1947 में भारत की आजादी तक, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और ब्रिटिश क्राउन ने भारत पर शासन करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की। इन प्रशासनिक पदों का नाम समय-समय पर बदलता रहा—जैसे बंगाल का गवर्नर, बंगाल का गवर्नर जनरल, भारत का गवर्नर जनरल और अंत में भारत का वायसराय।

इस Comprehensive Guide में हम ब्रिटिश भारत के इन प्रमुख अधिकारियों के पदनाम में बदलाव का इतिहास, प्रमुख गवर्नर जनरल और वायसराय के महत्वपूर्ण कार्य, परीक्षा में पूछे जाने वाले तथ्य और इन्हें याद रखने की आसान Tricks पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

गवर्नर से वायसराय तक के पदनाम में बदलाव का इतिहास (Evolution of Designation)

अक्सर छात्र गवर्नर, गवर्नर जनरल और वायसराय के बीच भ्रमित हो जाते हैं। इसे समझने के लिए नीचे दिए गए फ्लोचार्ट और क्रमिक विकास को ध्यान से देखें:

[1757 - 1772] ──> बंगाल का गवर्नर (Governor of Bengal)
       │
[1773 - 1832] ──> बंगाल का गवर्नर जनरल (Governor-General of Bengal)
       │
[1833 - 1857] ──> भारत का गवर्नर जनरल (Governor-General of India)
       │
[1858 - 1947] ──> भारत का वायसराय (Viceroy of India)
  1. बंगाल का प्रथम गवर्नर: लॉर्ड क्लाइव (Lord Clive) — 1757 (प्लासी युद्ध के बाद)।

  2. बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल: वॉरेन हेस्टिंग्स (Warren Hastings) — 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट (Regulating Act of 1773) द्वारा।

  3. भारत का प्रथम गवर्नर जनरल: लॉर्ड विलियम बैंटिंक (Lord William Bentinck) — 1833 के चार्टर एक्ट (Charter Act of 1833) द्वारा।

  4. भारत का प्रथम वायसराय: लॉर्ड कैनिंग (Lord Canning) — 1858 के भारत सरकार अधिनियम (Government of India Act 1858) द्वारा (1857 की क्रांति के बाद)।

  5. स्वतंत्र भारत का प्रथम गवर्नर जनरल: लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten) — 1947।

  6. स्वतंत्र भारत का प्रथम एवं अंतिम भारतीय गवर्नर जनरल: सी. राजगोपालाचारी (C. Rajagopalachari) — 1948 से 1950।

बंगाल के प्रमुख गवर्नर जनरल (1773 – 1833)

1. वॉरेन हेस्टिंग्स (Warren Hastings: 1773–1785)

  • बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल।

  • द्वैध शासन की समाप्ति (End of Dual System): 1772 में रॉबर्ट क्लाइव द्वारा शुरू की गई द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त किया।

  • 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट: इसके तहत 1774 में कलकत्ता में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना हुई, जिसके प्रथम मुख्य न्यायाधीश सर एलिजा इम्पे (Sir Elijah Impey) बने।

  • एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल: 1784 में सर विलियम जोन्स ने ‘एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’ की स्थापना की।

  • पिट्स इंडिया एक्ट 1784: इसके विरोध में इस्तीफा देकर जब हेस्टिंग्स इंग्लैंड गया, तो उस पर महाभियोग (Impeachment) चलाया गया।

2. लॉर्ड कॉर्नवालिस (Lord Cornwallis: 1786–1793)

  • भारत में सिविल सेवा का जनक (Father of Civil Services in India): पुलिस व्यवस्था और भारतीय सिविल सेवा (ICS) की नींव रखी।

  • स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement – 1793): बंगाल, बिहार और ओडिशा में ज़मींदारी प्रथा या स्थायी बंदोबस्त लागू किया।

  • कॉर्नवालिस कोड (Cornwallis Code – 1793): शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत पर आधारित कानून लागू किए।

  • गाज़ीपुर में मकबरा: लॉर्ड कॉर्नवालिस की मृत्यु भारत में हुई और उनका मकबरा गाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।

3. लॉर्ड वेलेज़ली (Lord Wellesley: 1798–1805)

  • सहायक संधि प्रणाली (Subsidiary Alliance System): भारत में सहायक संधि का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया (हालांकि इसका प्रथम प्रयोग फ्रांसीसी गवर्नर डुप्ले ने किया था)।

  • सहायक संधि स्वीकार करने वाले राज्य (क्रम अनुसार):

    1. हैदराबाद (1798)

    2. मैसूर (1799)

    3. तंजौर (1799)

    4. अवध (1801)

    5. पेशवा (1802)

  • फोर्ट विलियम कॉलेज: सिविल सेवकों के प्रशिक्षण के लिए कलकत्ता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की।

  • खुद को “बंगाल का शेर” (Lion of Bengal) कहता था। चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध (1799) में टीपू सुल्तान की मृत्यु इसी के शासनकाल में हुई।

भारत के प्रमुख गवर्नर जनरल (1833 – 1858)

1. लॉर्ड विलियम बैंटिंक (Lord William Bentinck: 1828–1835)

  • भारत का प्रथम गवर्नर जनरल (1833 चार्टर एक्ट द्वारा)।

  • सती प्रथा का उन्मूलन (Abolition of Sati – 1829): राजा राममोहन राय के प्रयासों से नियम 17 के तहत सती प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया।

  • ठगी प्रथा का अंत (1830): कर्नल स्लीमेन (Colonel Sleeman) की सहायता से ठगी प्रथा का सफाया किया।

  • मैकाले की शिक्षा नीति (Macaulay’s Minute – 1835): भारत में अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया।

2. लॉर्ड डलहौजी (Lord Dalhousie: 1848–1856)

डलहौजी का कार्यकाल प्रशासनिक सुधारों और साम्राज्यवादी नीतियों के लिए जाना जाता है:

  • व्यपगत का सिद्धांत / हड़प नीति (Doctrine of Lapse): इसके तहत दत्तक पुत्र (Adopted Son) के अधिकार को खारिज कर रियासतों का विलय किया गया।

    • हड़पे गए राज्य (Trick Order): सतारा (1848), जैतपुर और संभलपुर (1849), बघाट (1850), उदयपुर (1852), झांसी (1853), नागपुर (1854)।

    • अवध का विलय (1856): अवध पर कुशासन (Maladministration) का आरोप लगाकर नवाब वाजिद अली शाह से छीना गया (आउट्रम रिपोर्ट के आधार पर)।

  • भारत में रेलवे का जनक (Father of Indian Railways): 16 अप्रैल 1853 को मुंबई से ठाणे (34 किमी) पहली ट्रेन चलाई गई।

  • डाक व तार सेवा (Postal & Telegraph Services): 1854 में नया पोस्ट ऑफिस एक्ट पारित किया और पहली टेलीग्राफ लाइन (कलकत्ता से आगरा) शुरू की।

  • लोक निर्माण विभाग (PWD): पृथक सार्वजनिक निर्माण विभाग (Public Works Department) की स्थापना की।

  • वुड्स डिस्पैच (Wood’s Dispatch – 1854): भारतीय शिक्षा का ‘मैग्नाकार्टा’ लागू किया।

भारत के प्रमुख वायसराय (1858 – 1947)

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वायसराय                    मुख्य ऐतिहासिक घटनाएँ
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लॉर्ड कैनिंग (1856-62)     1857 की क्रांति, भारत का प्रथम वायसराय, पोर्टफोलियो सिस्टम
लॉर्ड रिपन (1880-84)       नियमित जनगणना (1881), प्रथम कारखाना अधिनियम, वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट रद्द
लॉर्ड कर्जन (1899-1905)    बंगाल का विभाजन (1905), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI)
लॉर्ड चेम्सफोर्ड (1916-21) जालियांवाला बाग हत्याकांड (1919), रोलेट एक्ट, असहयोग आंदोलन
लॉर्ड इरविन (1926-31)      साइमन कमीशन, गांधी-इरविन समझौता, दांडी मार्च
लॉर्ड माउन्टबेटन (1947)    3 जून योजना (विभाजन योजना), स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल
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1. लॉर्ड कैनिंग (Lord Canning: 1856–1862)

  • 1857 का महान विद्रोह (Rebellion of 1857): इसी के शासनकाल में हुआ।

  • भारत का प्रथम वायसराय: 1858 के महारानी विक्टोरिया के घोषणापत्र के बाद भारत का पहला वायसराय बना।

  • भारतीय दंड संहिता (IPC – 1860): मैकाले के प्रारूप के आधार पर IPC लागू की गई।

  • व्यपगत सिद्धांत (Doctrine of Lapse) की समाप्ति।

  • पोर्टफोलियो प्रणाली (Portfolio System – 1861): मंत्रिमंडलीय व्यवस्था की शुरुआत की।

2. लॉर्ड मेयो (Lord Mayo: 1869–1872)

  • प्रथम जनगणना (First Census – 1872): भारत में पहली बार गैर-सिंक्रोनस जनगणना हुई।

  • कृषि विभाग की स्थापना (Department of Agriculture): 1872 में स्थापना।

  • अंडमान में हत्या: लॉर्ड मेयो एकमात्र ऐसा वायसराय था जिसकी हत्या उसके कार्यकाल के दौरान अंडमान (पोर्ट ब्लेयर) में एक अफगान कैदी (शेर अली) द्वारा की गई थी।

3. लॉर्ड लिटन (Lord Lytton: 1876–1880)

  • इसे एक प्रतिक्रियावादी (Reactionary) वायसराय माना जाता है।

  • वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (Vernacular Press Act – 1878): भारतीय भाषा के समाचार पत्रों पर कड़ा प्रतिबंध लगाया (विशेषकर सोम प्रकाश और अमृत बाज़ार पत्रिका को निशाना बनाने के लिए)।

  • शस्त्र अधिनियम (Arms Act – 1878): भारतीयों के लिए बिना लाइसेंस हथियार रखना अपराध घोषित किया।

  • सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने की अधिकतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 19 वर्ष कर दी।

4. लॉर्ड रिपन (Lord Ripon: 1880–1884)

इसे भारत के इतिहास में सबसे लोकप्रिय और “उदारवादी वायसराय” माना जाता है। मदन मोहन मालवीय ने रिपन को भारत का सबसे लोकप्रिय वायसराय कहा था।

  • स्थानीय स्वशासन का जनक (Father of Local Self-Government): 1882 में स्थानीय निकायों का प्रस्ताव पास किया।

  • नियमित जनगणना (Synchronous Census – 1881): हर 10 साल पर व्यवस्थित जनगणना की शुरुआत की।

  • वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट की समाप्ति (1882): प्रेस की स्वतंत्रता बहाल की।

  • प्रथम कारखाना अधिनियम (First Factory Act – 1881): बाल श्रम में सुधार के लिए लाया गया।

  • इल्बर्ट बिल विवाद (Ilbert Bill Controversy – 1883): भारतीय जजों को यूरोपीय अपराधियों के मुकदमों की सुनवाई का अधिकार देने का प्रयास किया गया, जिसका अंग्रेजों ने ‘श्वेत विद्रोह’ (White Mutiny) करके कड़ा विरोध किया।

5. लॉर्ड डफरिन (Lord Dufferin: 1884–1888)

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना: 28 दिसंबर 1885 को बंबई (तेजपाल संस्कृत कॉलेज) में ए.ओ. ह्यूम (A.O. Hume) द्वारा कांग्रेस की स्थापना के समय डफरिन ही वायसराय था।

  • डफरिन ने कांग्रेस को “अल्पसंख्यक जनता का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था” (Microscopic Minority) कहकर मजाक उड़ाया था।

6. लॉर्ड कर्जन (Lord Curzon: 1899–1905)

  • बंगाल का विभाजन (Partition of Bengal – 1905): “फूट डालो और राज करो” की नीति के तहत 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल का विभाजन लागू किया, जिसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ।

  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India – ASI): 1904 में प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम पारित कर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की नीव रखी।

  • विश्वविद्यालय आयोग (University Commission – 1902): सर थॉमस रैले की अध्यक्षता में गठित किया।

7. लॉर्ड चेम्सफोर्ड (Lord Chelmsford: 1916–1921)

  • मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (1919): प्रांतों में द्वैध शासन (Dyarchy in Provinces) लागू किया।

  • रोलेट एक्ट (Rowlatt Act – 1919): बिना वकील, बिना अपील, बिना दलील का कानून।

  • जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919): अमृतसर में जनरल डायर द्वारा निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाई गईं।

  • असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement): महात्मा गांधी द्वारा 1920 में शुरू किया गया।

8. लॉर्ड इरविन (Lord Irwin: 1926–1931)

  • साइमन कमीशन (Simon Commission – 1928): भारत आगमन (श्वेत आयोग/White Commission)।

  • नेहरू रिपोर्ट (1928) और लाहौर अधिवेशन (1929): पूर्ण स्वराज का लक्ष्य।

  • दांडी मार्च और सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930)।

  • गांधी-इरविन समझौता (Gandhi-Irwin Pact – 5 मार्च 1931): इसके बाद गांधीजी दूसरे गोलमेज सम्मेलन (Second Round Table Conference) में भाग लेने लंदन गए।

9. लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten: मार्च 1947 – जून 1948)

  • 3 जून योजना (3rd June Plan / Mountbatten Plan): भारत और पाकिस्तान के विभाजन की रूपरेखा तैयार की गई।

  • भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 (Indian Independence Act 1847): इसके तहत 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ।

  • स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल बने।

गवर्नर जनरल और वायसराय याद रखने की Super Tricks

Trick 1: प्रथम पदधिकारियों के नाम याद रखने की ट्रिक

“रॉबर्ट है विलियम की मौसी”

रॉबर्ट ──> रॉबर्ट क्लाइव      (बंगाल का पहला गवर्नर)
है     ──> हैस्टिंग्स (वॉरेन)  (बंगाल का पहला गवर्नर जनरल)
विलियम ──> विलियम बैंटिंक   (भारत का पहला गवर्नर जनरल)
की     ──> कैनिंग (लॉर्ड)     (भारत का पहला वायसराय)
मौ     ──> माउंटबेटन         (स्वतंत्र भारत का पहला गवर्नर जनरल)
सी     ──> सी. राजगोपालाचारी (स्वतंत्र भारत का पहला भारतीय गवर्नर जनरल)

Trick 2: डलहौजी द्वारा हड़पे गए राज्यों का क्रम

“सजे संबलपुर, उदयपुर-झांसी नाचे”

  • स = सतारा (1848)

  • जे = जैतपुर (1849)

  • संबलपुर = संभलपुर (1849)

  • उदयपुर = उदयपुर (1852)

  • झांसी = झांसी (1853)

  • ना = नागपुर (1854)

परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले FAQ

Q1: भारत में स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) का जनक किसे माना जाता है?

Ans: लॉर्ड रिपन को (1882 में स्थानीय स्वशासन प्रस्ताव के लिए)।

Q2: सती प्रथा का अंत किस गवर्नर जनरल ने और कब किया था?

Ans: लॉर्ड विलियम बैंटिंक ने 1829 में नियम 17 के तहत राजा राममोहन राय के सहयोग से किया था।

Q3: 1857 की क्रांति के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?

Ans: लॉर्ड कैनिंग।

Q4: बंगाल विभाजन (1905) किस वायसराय के समय हुआ था?

Ans: लॉर्ड कर्जन के समय (इसे 1911 में लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय द्वारा रद्द किया गया था)।

Q5: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना के समय भारत का वायसराय कौन था?

Ans: लॉर्ड डफरिन (1885)।

निष्कर्ष (Conclusion)

आधुनिक भारत के इतिहास को गहराई से समझने के लिए Governor General and Viceroy of India in Hindi का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। विभिन्न अधिनियमों, प्रशासनिक नीतियों, सामाजिक सुधारों और स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं का सीधा संबंध इन अधिकारियों के कार्यकाल से रहा है।

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